जो भी जितनी बार लिखूंगा
तुमको ही हर बार लिखूंगा
मन के कोरे कागज पर
नाम तेरा सरकार लिखूंगा
तुम दो उत्तर या न दो तुम
खत मैं बार-बार लिखूंगा
लाख करो तुम नफरत हमसे
नफरत को भी प्यार लिखूंगा
आएगी जब याद तुम्हारी
सूने को गुलजार लिखूंगा
आसान नहीं सच्चाई लिखना
फिर भी मैं बार-बार लिखूंगा
2 comments:
great work! :)
शाबाश ! बहुत उम्दा और एक नयेपन के साथ लिखते हो !शुभकामनायें !
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