6.16.2008

अब क्या-क्या कहूं मैं...


इशारों की भाषा वो समझ न सकी
शब्दों में मैं समझा न सका
इसी कशमकश में हार गया मैं
जब नजरों से उसे समझा गया कोई...।

1 comment:

seema gupta said...

" wah bhav purn abeevyektee"